बिहार के बेटे, दलेर पटना में होंगे दशहरा महोत्सव की शान

  • बिहार के बेटे, दलेर पटना में होंगे दशहरा महोत्सव की शान

    Sunday, September 17th, 2017

21 सितंबर को पटना में इतिहास रचा जायेगा जब बिहार के बेटे, बाहुबली के गायक दलेर मेहंदी गांधी मैदान में मंच से सप्ताह भर चलने वाले दशहरा महोत्सव को अपने दिलभेदी स्वर उद्घोष से शुरू करेंगे।

बेहद खुश और प्रफुल्लित महसूस कर रहे दलेर ने पटना टूर को लेकर खास बातें की जो आपके लिए पेश हैं-

पटना में कार्यक्रम करने में कैसा महसूस होता है?

"इस धरती को मेरा शत-शत प्रणाम है जहां मेरा जन्म हुआ, यह धरती ज्ञान, कला, साहित्य, मीठी ज़ुबान, संगीत और खुद्दारी की धरोहर है। यह मेरे पिता, गुरु, शाहे शहंशाह, महाराज, श्री गुरु गोविन्द सिंह जी की धरती है। इस धरती से मुझे सिखी और संगीत, गुरू और करम मिला। ऐसे बड़े-बड़े कलाकारों को सुनने का अवसर मिला जिनके कारण मैं आज आपका चहेता दलेर मेहंदी बन सका। ऐसे महोत्सवों की बदौलत ही मुझे छोटी उम्र में हिंदुस्तान के नायाब रत्नों से मिलने का अवसर मिला।

दशहरा महोत्सव में कार्यक्रम करना मेरी खुशनसीबी है। हो सकता है मुझे और यहाँ आये अन्य कलाकारों को सुन कर, देख कर, किसी को कुछ सीखने को मिले जैसे मुझे मेरे बचपन में मिला।"

दर्शक आपसे क्या सुनने की उम्मीद कर सकते हैं?

"सच्चा मनोरंजन, शुद्ध संगीत, अच्छे बोल, कुछ दुनिया की कुछ रब की बातें, संगीत के रास्ते, इक ऐसी शाम जहाँ मैं आप और हमारा रब होगा।"

आपके साथ और कौन-कौन है?

"मेरे छोटे भाई जोगिंदर सिंह और सतवन्त सहित संगीतकारों की मेरी टीम कोरस पर होगी। कीबोर्ड पर गगन होगा, ड्रम पर तरुण, प्रीतपाल सिंह ढोल पर, जॉय बाथ, साउन्ड इंजीनियर आकाश जेटली, मेरे मैनेजर मनिंदर सिंह होंगे। मेरी पत्नी तरन और मेरी बेटी रबाब पटना में मेरे साथ आएंगी।"

क्या आप गुरुद्वारा साहब देखने जायेंगे?

"बेटा अपने पिता के घर न जाये, ये तो हमारा प्यार, संस्कार ना हुआ। बिल्कुल सबसे बड़ा आकर्षण तख्त श्री पटना साहिब को देखना है।"

पटना के लोगों के लिए कोई विशेष संदेश।

"गुरू की नगरी में रहने की वजह से पटना बिहार के वासी तो वैसे ही धन्य है, बस अपनी संस्कृति और गुरू के बताये पथ पर चलें, सभी तरह के नशों से दूर रहे , मीठा बोलें, खुद्धार बनें, सभी लोग खूब सारे पेड़ लगायें। ऐसे महोत्सव हमारी संस्कृति, संगीत, नाट्य, कला को बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान देते हैं।

रब राखा

दलेर मेहंदी